Sunday, February 25, 2018

प्यार क्या और कैसे होता है ???? जाने यहाँ /

नमस्कार दोस्तों ,
आप सभी दोस्तों का स्वागत है हमारे वेबसाइट tec info hindi में आज मै आप लोगो को एक ऐसे चीज के बारे में बताऊंगा जिसके बिना दुनिया में कुछ नही है "प्यार " जी हाँ दोस्तों हमे प्यार क्यों होता है इस बारे में जानने के लिए इस आर्टिकल को पूरा पढ़े /





दोस्तों आप सभी को कभी न कभी किसी न किसी से प्यार जरुर हुआ होगा , प्यार वो एहसास है जो इंसान को जीने के लिए बहुत जरूरी है हमे हमारे माता -पिता, दोस्तों , परिवार से और जीवनसाथी से प्यार होता है / आज हम बतायेंगे की जीवनसाथी से प्यार आखिर होता कैसे है वो क्या केमिकल लोचा है /

दोस्तों आप लोग के दिमाग में ये बात कभी आती होगी की आखिर किसी person को देखकर ही प्यार, मोहब्बत , लगाव , चाहत आप लोग जो भी बोलो  कैसे होता है ??????


ऐसे तो बहुत से बदलाव होते है हमारे दिलोदिमाग में जिससे हम प्यार में किसी भी हद तक गुजर जाते है , क्या प्यार एक एहसास है ????? या एक केमिकल लोचा है ???????  या कुछ देर तक चलने वाली अवस्था है ??????
आईये आज हम प्यार की कैमिस्ट्री ,साइकोलोजी , फिलोसोफी सब कुछ जानते है /

प्यार क्या है ?????
हकीकत में जब इंसान किसी के प्यार में होता है तब उसके दिमाग का एक खास हिस्सा सक्रिय हो जाता है / जो इंसान को नशे में होने वाले अनोखी अनुभूति का एहसास कराता है /इसलिए इंसान एक जादुई संवेदना महसूस करता है / जिसके वजह से वह किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार रहता है / जो व्यक्ति प्यार में होता है उसके दिमाग में कुछ और ही चल रहा होता है और यही बात उसे आम इंसानों से अलग बनाती है /
वास्तव में प्यार एक लत है जूनून है और वैज्ञानिको की माने प्यार अँधा होता है यह बात 100% सच है /लेकिन आखिरकार एक इन्सान के दिमाग में क्यों और कैसे ऐसे बदलाव आते है /
वैज्ञानिको की माने तो इन सब के पीछे दिमाग में मौजूद फेरियल एथायिल एनिमा नाम के नूरो केमिकल का हाथ है ये रसायन प्यार में पड़े इंसान को उसके पार्टनर के गलतियों को नजरंजाद करवाता है और पार्टनर के साथ खुसिया महसूस करवाता है और पार्टनर को सबसे ऊचा स्तर दिलवाता है / दरसल ये केमिकल हम सब के दिमाग में होता है लेकिन प्यार में पड़े इंसान को ये कुछ ज्यादे मात्रा में होता है /

मजे की बात यह की इस नूरो केमिकल लम्बे समय तक उच्च  स्तर  पर नही रहता है , और कुछ 2-3 सालो बाद ये स्तर कम होने लगता है /

आखिर हम प्यार में गिरते कैसे है ???????
प्यार की एहसास लव साइकोलोजी मनोवैज्ञानिक अर्थान ओरेन के अनुसार , प्यार होने के लिए संवेदना के अलावा कई और चीज़े मायने रखती है और आँख उनमे से एक है ओरेन ने एक सैकोलोगिकल एक्सपेरिमेंट किया जिनमे उन्होंने अनजान लडके लडकियों को 90 मिनट तक एक दुसरे से बात करने को बोला और फिर उन्हें 4 मिनट तक एक दुसरे के आँख में देखने के लिए कहा यह एक्सपेरिमेंट ओरेन ने कई लोगो के साथ किया और जादा तर लोगो का कहना था की आँखों में लगातार देखने से वो सामने वाले व्यक्ति के प्रति आकर्षित हुए

आप मानोगे नही लेकिन इस एक्सपेरिमेंट में शामिल होने वाले 4 couple ने तो शादी भी कर ली और 3 लिविंग रिलेशन शिप में रहने लगे /
 मोह्ब्बत में नाक का भी अहम हिस्सा है इंसान की त्वचा से एक अलग गंध उत्पन्न होती है और ये गंध नाक के द्वारा दिमाग तक पहुचती है /और दिमाग इसे डिकोड करता है और उस विशेस इंसान की जीन्स की जाँच करता है सामने वाले व्यक्ति की डिकोड की जांच कर हमारा दिमाग ये पता लगाता है की वो व्यक्ति हमारा जीवन संगनी बनने के योग्य है या नही

वैज्ञानिको का कहना है की किसी भी इंसान में आकर्षित होने की प्रकिया 80 सेकंड से 4 मिनट शुरू हो जाती है /
आकर्षण के इस प्रकिया में 55% योगदान हमारी बॉडी language और पर्सनालिटी का होता है 38% बातचीत के अंदाज का और 7% आप बोलने में कितने कुशल् है पर निर्भर करता है /

सच में कहू तो दोस्तों प्यार एक अहम् हिस्सा है जिन्दगी जीने के लिए तो दोस्तों प्यार करो और हमेसा खुश रहो दोस्तों कैसा लगा ये आर्टिकल हमे कमेंटऔर अपने दोस्तों को शेयर  करे और फॉलो करे ताकि ऐसे ही अच्छे- अच्छे पोस्ट का नोतिफिससन आपको मिल सके  /

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